Thursday, 8 September 2016

ये तो सच है की भगवान है : हम साथ साथ है

ये तो सच है की भगवान है
है मगर फिर भी अन्जान है
धरती पे रूप माँ-बाप का
उस विधाता की पहचान है

जन्मदाता हैं जो, नाम जिनसे मिला
थामकर जिनकी उंगली है बचपन चला
कांधे पर बैठ के, जिनके देखा जहां
ज्ञान जिनसे मिला, क्या बुरा, क्या भला
इतने उपकार हैं क्या कहें
ये बताना न आसान है
धरती पे रूप...

जन्म देती है जो, माँ जिसे जग कहे
अपनी संतान में, प्राण जिसके रहे
लोरियां होंठों पर, सपने बुनती नज़र
नींद जो वार दे, हँस के हर दुःख सहे
ममता के रूप में है प्रभू
आपसे पाया वरदान है
धरती पे रूप...

आपके ख्वाब हम, आज होकर जवां
उस परम शक्ति से, करते हैं प्रार्थना
इनकी छाया रहे, रहती दुनिया तलक
एक पल रह सकें हम न जिनके बिना
आप दोनों सलामत रहें
सबके दिल में ये अरमान है
धरती पे रूप...

Thursday, 25 August 2016

धन प्राप्ति

शुक्रवार विशेष : धन के लिए मां लक्ष्मी के 18 पुत्रों का नाम लें।
भगवती लक्ष्मी के 18 पुत्र माने जाते हैं। शुक्रवार के दिन इनके नाम के आरंभ में ॐ और अंत में 'नम:' लगाकर जप करने से मनचाहे धन की प्राप्ति होती है।
जैसे -
1. ॐ देवसखाय नम:
2. ॐ चिक्लीताय नम:
3. ॐ आनंदाय नम:
4. ॐ कर्दमाय नम:
5. ॐ श्रीप्रदाय नम:
6. ॐ जातवेदाय नम:
7. ॐ अनुरागाय नम:
8. ॐ संवादाय नम:
9. ॐ विजयाय नम:
10. ॐ वल्लभाय नम:
11. ॐ मदाय नम:
12. ॐ हर्षाय नम:
13. ॐ बलाय नम:
14. ॐ तेजसे नम:
15. ॐ दमकाय नम:
16. ॐ सलिलाय नम:
17. ॐ गुग्गुलाय नम:
18. ॐ कुरूंटकाय नम:

An Open Letter To My Kids

An open letter to my growing up kids.
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Worth reading more than once.
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The words are actually applicable to all of us, young or old, children or parents.!
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All parents can use this in their teachings to their children.
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Dear Praneh and Pranet,
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We are writing this to you because of 3 (three) reasons:
1. Life, fortune and mishaps are unpredictable, nobody knows how long he lives. Some words are better said early.
2. We are your parents, and if we don't tell you these, no one else will.
3. What is written is our own personal bitter experiences that perhaps could save you a lot of unnecessary heartaches. Remember the following as you go through life:-
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1. Do not bear grudge towards those who are not good to you. No one has the responsibility of treating you well, except your mother & Me.
To those who are good to you, you have to treasure it and be thankful, and ALSO you have to be cautious, because, everyone has a motive for every move. When a person is good to you, it does not mean he really likes you. You have to be careful, don't hastily regard him as a real friend.
2. No one is indispensable, nothing is in the world that you must possess.
Once you understand this idea, it would be easier for you to go through life when people around you don't want you anymore, or when you lose what/who you love the most.
3. Life is short.
When you waste your life today, tomorrow you would find that life is leaving you.
The earlier you treasure your life, the better you enjoy life.
4. Love is but a transient feeling, and this feeling would fade with time and with one's mood. If your so called loved one leaves you, be patient, time will wash away your aches and sadness.
Don't over exaggerate the beauty and sweetness of love, and don't over exaggerate the sadness of falling out of love.
5. A lot of successful people did not receive a good education, that does not mean that you can be successful by not studying hard!
Whatever knowledge you gain is your weapon in life.
One can go from rags to riches, but one has to start from some rags!
6. I do not expect you to financially support me when I am old, neither would I financially support your whole life.
My responsibility as a supporter ends when you are grown up. After that, you decide whether you want to travel in a public transport or in your limousine, whether rich or poor.
7. You honour your words, but don't expect others to be so.
You can be good to people, but don't expect people to be good to you. If you don't understand this, you would end up with unnecessary troubles.
8. I have seen people buying lottery tickets for years, but they could never strike any prize. That shows if you want to be rich, you have to work hard! There is no free lunch!
9. No matter how much time we have with you, let's treasure the time we have together. We do not know if we would meet again in our next life.
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Your Dad & Mom
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Read it thrice, and even more if you find it difficult to understand.
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Yes, remember, we (your mother and me) are always there to help you understand this event called LIFE!!
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Worth a read.
May God Bless all of us.
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And if you people feel appropriate, share it with your kids (son or daughter) as well.

Wednesday, 20 July 2016

रिश्ते

Yeh Sundar Kavita ......har rishtey ke liye sahi hai

मैं रूठा, तुम भी रूठ गए
फिर मनाएगा कौन ?

आज दरार है, कल खाई होगी
फिर भरेगा कौन ?

मैं चुप, तुम भी चुप
इस चुप्पी को फिर तोडे़गा कौन ?

बात छोटी को लगा लोगे दिल से,
तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन ?

दुखी मैं भी और  तुम भी बिछड़कर,
सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन ?

न मैं राजी, न तुम राजी,
फिर माफ़ करने का बड़प्पन दिखाएगा कौन ?

डूब जाएगा यादों में दिल कभी,
तो फिर धैर्य बंधायेगा कौन ?

एक अहम् मेरे, एक तेरे भीतर भी,
इस अहम् को फिर हराएगा कौन ?

ज़िंदगी किसको मिली है सदा के लिए ?
फिर इन लम्हों में अकेला रह जाएगा कौन ?

मूंद ली दोनों में से गर किसी दिन एक ने आँखें....
तो कल इस बात पर फिर पछतायेगा कौन ?

Respect each other
Ignore mistakes
Avoid ego

Wednesday, 18 May 2016

प्रात: स्मरणीय स्तोत्र

प्रतिदिन स्मरण योग्य शुभ सुंदर मंत्र संग्रह

  प्रात: कर-दर्शनम्

कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥

         पृथ्वी क्षमा प्रार्थना

समुद्र वसने देवी पर्वत स्तन मंडिते।
विष्णु पत्नी नमस्तुभ्यं पाद स्पर्शं क्षमश्वमेव॥

त्रिदेवों के साथ नवग्रह स्मरण

ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानु: शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्र: शनिराहुकेतव: कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्॥

               स्नान मन्त्र

गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु॥

           सूर्यनमस्कार

ॐ सूर्य आत्मा जगतस्तस्युषश्च
आदित्यस्य नमस्कारं ये कुर्वन्ति दिने दिने।
दीर्घमायुर्बलं वीर्यं व्याधि शोक विनाशनम्
सूर्य पादोदकं तीर्थ जठरे धारयाम्यहम्॥

ॐ मित्राय नम:
ॐ रवये नम:
ॐ सूर्याय नम:
ॐ भानवे नम:
ॐ खगाय नम:
ॐ पूष्णे नम:
ॐ हिरण्यगर्भाय नम:
ॐ मरीचये नम:
ॐ आदित्याय नम:
ॐ सवित्रे नम:
ॐ अर्काय नम:
ॐ भास्कराय नम:
ॐ श्री सवितृ सूर्यनारायणाय नम:

आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीदमम् भास्कर।
दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते॥

                दीप दर्शन

शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपकाय नमोऽस्तु ते॥

दीपो ज्योति परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः।
दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तु ते॥

             गणपति स्तोत्र

गणपति: विघ्नराजो लम्बतुन्ड़ो गजानन:।
द्वै मातुरश्च हेरम्ब एकदंतो गणाधिप:॥
विनायक: चारूकर्ण: पशुपालो भवात्मज:।
द्वादश एतानि नामानि प्रात: उत्थाय य: पठेत्॥
विश्वम तस्य भवेद् वश्यम् न च विघ्नम् भवेत् क्वचित्।

विघ्नेश्वराय वरदाय शुभप्रियाय।
लम्बोदराय विकटाय गजाननाय॥
नागाननाय श्रुतियज्ञविभूषिताय।
गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥

शुक्लाम्बरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजं।
प्रसन्नवदनं ध्यायेतसर्वविघ्नोपशान्तये॥

        आदिशक्ति वंदना

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

            शिव स्तुति

कर्पूर गौरम करुणावतारं,
संसार सारं भुजगेन्द्र हारं।
सदा वसंतं हृदयार विन्दे,
भवं भवानी सहितं नमामि॥

              विष्णु स्तुति

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

            ⚫ श्री कृष्ण स्तुति ⚫

कस्तुरी तिलकम ललाटपटले, वक्षस्थले कौस्तुभम।
नासाग्रे वरमौक्तिकम करतले, वेणु करे कंकणम॥
सर्वांगे हरिचन्दनम सुललितम, कंठे च मुक्तावलि।
गोपस्त्री परिवेश्तिथो विजयते, गोपाल चूडामणी॥

मूकं करोति वाचालं पंगुं लंघयते गिरिम्‌।
यत्कृपा तमहं वन्दे परमानन्द माधवम्‌॥

            ⚪ श्रीराम वंदना ⚪

लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्।
कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये॥

               ♦श्रीरामाष्टक♦

हे रामा पुरुषोत्तमा नरहरे नारायणा केशवा।
गोविन्दा गरुड़ध्वजा गुणनिधे दामोदरा माधवा॥
हे कृष्ण कमलापते यदुपते सीतापते श्रीपते।
बैकुण्ठाधिपते चराचरपते लक्ष्मीपते पाहिमाम्॥

    एक श्लोकी रामायण

आदौ रामतपोवनादि गमनं हत्वा मृगं कांचनम्।
वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीवसम्भाषणम्॥
बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं लंकापुरीदाहनम्।
पश्चाद्रावण कुम्भकर्णहननं एतद्घि श्री रामायणम्॥

           सरस्वती वंदना

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वींणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपदमासना॥
या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा माम पातु सरस्वती भगवती
निःशेषजाड्याऽपहा॥

            हनुमान वंदना

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम्‌।
दनुजवनकृषानुम् ज्ञानिनांग्रगणयम्‌।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम्‌।
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥

मनोजवं मारुततुल्यवेगम जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणम् प्रपद्ये॥

         स्वस्ति-वाचन

ॐ स्वस्ति न इंद्रो वृद्धश्रवाः
स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः।
स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्ट्टनेमिः
स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥

            ❄ शांति पाठ ❄

ऊँ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्‌ पूर्णमुदच्यते।
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥

ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष (गुँ) शान्ति:,
पृथिवी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति:।
वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति:,
सर्व (गुँ) शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सा मा शान्तिरेधि॥

॥ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:॥

बहुत ही सुंदर संग्रह
इसे हर हिन्दू को अपने 'saver' में डाले या प्रिंट आउट ले । ऐसा संग्रह सरलता से नही मिलता ।
एक प्रति परिवार के बच्चों को भी दे ।

Monday, 18 January 2016

Happy anniversary Sneh.... (2)

I have to remember that true love is strong and enduring,
But it is true, there are times when the strong need reassuring.
Every year that I'm with you
Has been better than before;
It's hard for me to even think
How I could love you more.
I’m grateful for each day and hour;
I thank the Lord above
For giving me the precious gift:
Of your deep, enduring love.
You're so special more than you know and more than I show.
You're my soul mate, you're my lover, you're all that I know.
It's your smile and it's your eyes
It's your heart and it's your cries.
I'll love you forever even long after we die.
Each day I awake and I realize what I want to do.
I want to spend each day of my life devoted to and loving you.
I want to have new adventures in life; you know that is true,
But I want to do nothing that does not include you.
I love you, and I hope you know that you are my blessing, my wife.
I am devoted to loving you and caring for you for the rest of my life.
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Happy Wedding Anniversary.....
For my Life, my Wife, my Sneh.

Monday, 14 December 2015

प्रभु से सुन्दर प्रार्थना

प्रभु से सुंदर प्रार्थना

 

हे करुणानिधान❗मेरे तीन अपराधो को क्षमा करो:-

यह जानते हुए भी कि- 

1. तुम सर्वव्यापी हो, पर मैँ तुम्हेँ हर जगह खोजता हूँ यह मेरा पहला अपराध है❗

2. तुम शब्दोँ से परे हो, मैँ तुमको शब्दोँ से बाँधता हूँ, एक नाम देता हूँ। यह मेरा दूसरा अपराध है❗

3. तुम सर्वज्ञाता हो, मैँ तुम्हेँ अपनी इच्छाएँ बताता हूँ, उन्हेँ पूरा करने को कहता हूँ। यह मेरा तीसरा अपराध है❗

जय सियाराम