Sunday, 23 October 2016

Understand the problem before solving it.

One fine day, a bus driver went to the bus garage, started his bus, and drove off along the route.

No problems for the first few stops-a few people got on, a few got off, and things went generally well.

At the next stop, however, a big hulk of a guy got on. 
Six feet height, built like a wrestler, arms hanging down to the ground. 
He glared at the driver and said, "Big John doesn't need to pay!" and sat down at the back.

Did I mention that the driver was five feet three, thin, and basically meek? Well, he was.!

Naturally, he didn't argue with Big John, but he wasn't happy about it.

The next day the same thing happened-Big John got on again, made a show of refusing to pay, and sat down. 
And the next day, and the one after that and so forth.!

This grated on the bus driver, who started losing sleep over the way Big John was taking advantage of him.

Finally he could stand it no longer. 
He signed up for body building courses, karate, judo, and all that good stuff.

By the end of the summer, he had become quite strong; what's more, he felt really good about himself.

So on the next Monday, when Big John once Again got on the bus and said, "Big John doesn't pay!," The driver stood up, glared back at the passenger, and screamed, "And why not?"

With a surprised look on his face, Big John replied, *"Big John has a bus pass."*

Be sure of what is a problem in the first place before working hard to solve one.

*Quite often in life we over-evaluate the problems and start working on huge solutions spending time, money, efforts, energy and focus, whereas, in actual, problems eventually are not that big!*

Most of Our life is actually as above story !

Thursday, 20 October 2016

पुरुष से पिता बनने का सफर

पत्नी जब स्वयं माँ बनने का समाचार सुनाये और वो खबर सुन, आँखों में से खुशी के आँशु टप टप गिरने लगे

तब ... आदमी......

" पुरुष से पिता बनता है"

नर्स द्वारा कपडे में लिपटा कुछ पाउण्ड का दिया जीव, जवाबदारी का प्रचण्ड बोझ का अहसास कराये

तब .....आदमी.....

" पुरुष से पिता बनता है"

रात - आधी रात, जागकर पत्नी के साथ, बेबी का डायपर बदलता है, और बच्चे को कमर में उठा कर घूमता है, उसे चुप कराता है, पत्नी को कहता है तू सो जा में इसे सुला दूँगा

तब..........आदमी......

" पुरुष से, पिता बनता हैं "

मित्रों के साथ घूमना, पार्टी करना जब नीरस लगने लगे और पैर घर की तरफ बरबस दौड़ लगाये

तब ........आदमी......

"पुरुष से पिता बनता हैं"

"हमने कभी लाईन में खड़ा होना नहीं सिखा " कह, हमेशा ब्लैक में टिकट लेने वाला, बच्चे के स्कूल Admission का फॉर्म लेने हेतु पूरी ईमानदारी से सुबह 4 बज लाईन में खड़ा होने लगे

तब .....आदमी....

" पुरुष से पिता बनता हैं "

जिसे सुबह उठाते साक्षात कुम्भकरण की याद आती हो और वो जब रात को बार बार उठ कर ये देखने लगे की मेरा हाथ या पैर कही बच्चे के ऊपर तो नहीं आ गया एवम् सोने में पूरी सावधानी रखने लगे

तब .....आदमी...

" पुरुष से पिता बनता हैं"

असलियत में एक ही थप्पड़ से सामने वाले को चारो खाने चित करने वाला, जब बच्चे के साथ झूठ मूठ की fighting में बच्चे की नाजुक थप्पड़ से जमीन पर गिरने लगे

तब...... आदमी......

" पुरुष से पिता बनता हैं"

खुद भले ही कम पढ़ा या अनपढ़ हो, काम से घर आकर बच्चों को " पढ़ाई बराबर करना, होमवर्क पूरा किया या नहीं" बड़ी ही गंभीरता से कहे

तब ....आदमी......

" पुरुष से पिता बनता हैं "

खुद ही की कल की मेहनत पर ऐश करने वाला, अचानक बच्चों के आने वाले कल के लिए आज compromise करने लगे

तब ....आदमी.....

" पुरुष से पिता बनता हैं "

ओफ़ीस का बॉस, कईयों को आदेश देने वाला, स्कूल की पेरेंट्स मीटिंग में क्लास टीचर के सामने डरा सहमा सा, कान में तेल डाला हो ऐसे उनकी हर INSTRUCTION ध्यान से सुनने लगे

तब ....आदमी......

" पुरुष से पिता बनता है"

खुद की पदोन्नति से भी ज्यादा बच्चे की स्कूल की सादी यूनिट टेस्ट की ज्यादा चिंता करने लगे

तब ....आदमी.......

" पुरुष से पिता बनता है "

खुद के जन्मदिन का उत्साह से ज्यादा बच्चों के Birthday पार्टी की तैयारी में मग्न रहे

तब .... आदमी.......

" पुरुष से पिता बनाता है "

हमेशा अच्छी अच्छी गाडियो में घुमाने वाला, जब बच्चे की सायकल की सीट पकड़ कर उसके पीछे भागने में खुश होने लगे

तब ......आदमी....

" पुरुष से पिता बनता है"

खुदने देखी दुनिया, और खुद ने की अगणित भूले बच्चे ना करे, इसलिये उन्हें टोकने की शुरुआत करे

तब .....आदमी......

" पुरुष से पिता बनता है"

बच्चों को कॉलेज में प्रवेश के लिए, किसी भी तरह पैसे ला कर अथवा वर्चस्व वाले व्यक्ति के सामने दोनों haath जोड़े

तब .......आदमी.......

" पुरुष से पिता बनता है "

"आपका समय अलग था,
अब ज़माना बदल गया है,
आपको कुछ मालूम नहीं"
" This is generation gap "

ये शब्द खुद ने कभी बोला ये याद आये और मन ही मन बाबूजी को याद कर माफी माँगने लगे

तब ....आदमी........

" पुरुष से पिता बनता है "

लड़का बाहर चला जाएगा, लड़की ससुराल, ये खबर होने के बावजूद, उनके लिए सतत प्रयत्नशील रहे

तब ...आदमी......

" पुरुष से पिता बनता है "

बच्चों को बड़ा करते करते कब बुढापा आ गया, इस पर ध्यान ही नहीं जाता, और जब ध्यान आता है तब उसका कोइ अर्थ नहीं रहता

तब ......आदमी.......

" पुरुष से पिता बनता है"
dedicated to all Fathers :) :)

Wednesday, 19 October 2016

लक्ष्मी जी का निवास कहाँ?

लक्ष्मीजी कहाँ रहती हैं ?

एक बूढे सेठ थे । वे खानदानी रईस थे, धन-ऐश्वर्य प्रचुर मात्रा में था परंतु लक्ष्मीजी का तो है चंचल स्वभाव । आज यहाँ तो कल वहाँ!!

सेठ ने एक रात को स्वप्न में देखा कि एक स्त्री उनके घर के दरवाजे से निकलकर बाहर जा रही है।

उन्होंने पूछा : ‘‘हे देवी आप कौन हैं ? मेरे घर में आप कब आयीं और मेरा घर छोडकर आप क्यों और कहाँ जा रही हैं?

वह स्त्री बोली : ‘‘मैं तुम्हारे घर की वैभव लक्ष्मी हूँ । कई पीढयों से मैं यहाँ निवास कर रही हूँ किन्तु अब मेरा समय यहाँ पर समाप्त हो गया है इसलिए मैं यह घर छोडकर जा रही हूँ । मैं तुम पर अत्यंत प्रसन्न हूँ क्योंकि जितना समय मैं तुम्हारे पास रही, तुमने मेरा सदुपयोग किया । संतों को घर पर आमंत्रित करके उनकी सेवा की, गरीबों को भोजन कराया, धर्मार्थ कुएँ-तालाब बनवाये, गौशाला व प्याऊ बनवायी । तुमने लोक-कल्याण के कई कार्य किये । अब जाते समय मैं तुम्हें वरदान देना चाहती हूँ । जो चाहे मुझसे माँग लो ।

सेठ ने कहा : ‘‘मेरी चार बहुएँ है, मैं उनसे सलाह-मशवरा करके आपको बताऊँगा । आप कृपया कल रात को पधारें ।

सेठ ने चारों बहुओं की सलाह ली ।

उनमें से एक ने अन्न के गोदाम तो दूसरी ने सोने-चाँदी से तिजोरियाँ भरवाने के लिए कहा ।

किन्तु सबसे छोटी बहू धार्मिक कुटुंब से आयी थी। बचपन से ही सत्संग में जाया करती थी ।

उसने कहा : ‘‘पिताजी ! लक्ष्मीजी को जाना है तो जायेंगी ही और जो भी वस्तुएँ हम उनसे माँगेंगे वे भी सदा नहीं टिकेंगी । यदि सोने-चाँदी, रुपये-पैसों के ढेर माँगेगें तो हमारी आनेवाली पीढी के बच्चे अहंकार और आलस में अपना जीवन बिगाड देंगे। इसलिए आप लक्ष्मीजी से कहना कि वे जाना चाहती हैं तो अवश्य जायें किन्तु हमें यह वरदान दें कि हमारे घर में सज्जनों की सेवा-पूजा, हरि-कथा सदा होती रहे तथा हमारे परिवार के सदस्यों में आपसी प्रेम बना रहे क्योंकि परिवार में प्रेम होगा तो विपत्ति के दिन भी आसानी से कट जायेंगे।

दूसरे दिन रात को लक्ष्मीजी ने स्वप्न में आकर सेठ से पूछा : ‘‘तुमने अपनी बहुओं से सलाह-मशवरा कर लिया? क्या चाहिए तुम्हें ?

सेठ ने कहा : ‘‘हे माँ लक्ष्मी ! आपको जाना है तो प्रसन्नता से जाइये परंतु मुझे यह वरदान दीजिये कि मेरे घर में हरि-कथा तथा संतो की सेवा होती रहे तथा परिवार के सदस्यों में परस्पर प्रेम बना रहे।

यह सुनकर लक्ष्मीजी चौंक गयीं और बोलीं : ‘‘यह तुमने क्या माँग लिया। जिस घर में हरि-कथा और संतो की सेवा होती हो तथा परिवार के सदस्यों में परस्पर प्रीति रहे वहाँ तो साक्षात् नारायण का निवास होता है और जहाँ नारायण रहते हैं वहाँ मैं तो उनके चरण पलोटती (दबाती)हूँ और मैं चाहकर भी उस घर को छोडकर नहीं जा सकती। यह वरदान माँगकर तुमने मुझे यहाँ रहने के लिए विवश कर दिया है.!
कथानक कैसा लगा? यदि आपके मन को छुआ हो तो आगे भेजें।

Tuesday, 18 October 2016

Expectations of a Doctor

*Hats off to the Doctor who wrote this* :----------------

My *expectations* from my *_patients_* and *_relatives_*.

■ Please bring your *old medical records* but *don't bring* your *_opinion_* about your old doctor. I am *no better* than him.

■ Wait *patiently* in the *_queue_*.

■ My phone is for *emergency*

■ If you want, Please do *wish* me when u meet me in a marriage or birthday party or a hotel but *don't* discuss your health problems there also.

■ Dont *praise* me that I saved you, because I didn't do anything *extra*
it's my *_duty_* *to treat* it is *God* who heals but when there is a *complication* please *understand* it's also *_his wish_*. many complications, adverse effects of drugs are *not* my work it's sometimes *your own body* which responds in a *_peculiar_* way.

■ If you are *not happy* with my work, *go away* to my *brother* or *sister* colleague don't just *waste* your time.

■ If you feel I am *negligent* complain to *statutory bodies* like *medical council* or *consumer courts* or *courts*
*_don't_* *defame* me on *Facebook* or *WhatsApp* or *mainstream media*

■ Take my advice ,
*don't read _internet_* and *decide* about your *treatment*. I *don't* repair my computer seeing instructions on internet so also you *can't* get treatment on *Google*.

■ Come *prepared* with your complaints. I am happy if you *write and bring* especially *_points_* and I can answer your points *well*.

■ *Don't answer your mobile* in *my cabin*
keep it on *SILENT mode* and *LISTEN to* me.

I end acknowledging that I am called a *_Doctor_ only because of you* and when you are in my cabin you are only my *"patient "* but *not* an *officer* or *minister* or *media man* or *teacher*
and in the end I *remind* you that I too am a *_human being_* like you.

*Thank you*...

करवा चौथ

(1).
करवा चौथ तो बहाना है,
असली मकसद तो पति को याद दिलाना है...

कि कोई है जो उसके इंतजार में
दरवाजे पर टकटकी लगाए रहती है,

पति के इंतज़ार में
सदा आँखें बिछाए रहती है...

वैलेंटाईन ड़े, रोज़ ड़े
इन सब को वो समझ नहीं पाती है....

प्यार करती है दिल की गहराईयों से,
पर कह नहीं पाती है....

सुबह से भूखी है,
उसका गला भी सूखा जाता है....

इस पर उसका कोई ज़ोर नहीं,
उसे प्यार जताने का
बस यही तरीका आता है....

खुलेआम किस करना हमारी संस्कृति में नहीं,
'आई लव यू' कहने में वो शर्माती है....

वो चाहती है बहुत कुछ कहना,
पर 'जल्दी घर आ जाना'
बस यही कह पाती है....

फेसबुक, ट्वीटर से मतलब नहीं उसे,
ना फोन पे व्हाट्सएप्प चलाना आता है....

यूँ तो कोई जिद नहीं करती,
पर प्यार से रूठ जाना आता है...

यूँ तो दिल मचलता है हमारा भी,
देख कर हुस्न की बहार...

याद रहता है हर पल, उसका समर्पण,
और हमारे परिवार पर लुटाया हुआ प्यार....

ऐसी प्रिया को,
है सम्मान का, प्यार का अधिकार |।।

(2).
*जीवनसाथी*
तुमसे रुठ भी जाऊं मेरे प्रिय,
तुम्हारे लौटने का इंतज़ार होता है।
तैरती खामोशियो के मंजर पर,
"सुनो तो" का असर हर बार होता है।
शिकवे अपनी जगह इस रिश्ते में,
मुस्कुराना ही मनुहार होता है।
संग न महज आसां राहों का मगर,
दुःखों पर भी मेरा अधिकार होता है।
मन की गिरह जब जब खुले,
नयी शुरुआत जैसे त्यौहार होता है।
व्रत ,पूजन सब तुम्हारी खातिर,
चाँद से सजदा मेरा हर बार होता है।
ये कैसा रिश्ता सात फेरो में बंधा,
शिकायत जिनसे उन्ही से प्यार होता है।
(करवाचौथ की अग्रिम शुभकामनाये और बधाइयां  )

Monday, 17 October 2016

Basic Banking codes

Excellent service by RBI!!
Dial  * 99# to do basic Banking instantly. One can check balance for accounts, mini statement where the mobile number is registered & no internet required. Below are the direct codes for banks::
* 99* 41#-State Bank of India
* 99* 42#- Punjab National Bank
* 99* 43#-HDFC Bank
* 99* 44#-ICICI Bank
* 99* 45#-AXIS Bank
* 99* 46#-Canara Bank
* 99* 47#- Bank Of India
* 99* 48#-Bank of Baroda
* 99* 49#-IDBI Bank
* 99* 50#-Union Bank of India
* 99* 51#-Central Bank of India
* 99* 52#-India Overseas Bank
* 99* 53#-Oriental Bank of Commerce
* 99* 54#-Allahabad Bank
* 99* 55#-Syndicate Bank
* 99* 56#-UCO Bank
* 99* 57#-Corporation Bank
* 99* 58#- Indian Bank
* 99* 59#-Andhra Bank
* 99* 60#- State Bank Of Hyderabad
* 99* 61#- Bank of Maharashtra
* 99* 62#- State Bank of Patiala
* 99* 63#- United Bank of India
* 99* 64#-Vijaya Bank
* 99* 65#-Dena Bank
* 99* 66#-Yes Bank
* 99* 67#-State Bank of Travancore
* 99* 68#-Kotak Mahindra Bank
* 99* 69#-IndusInd Bank
* 99* 70#- State Bank of Bikaner and Jaipur
* 99* 71#- Punjab and Sind Bank
* 99* 72#-Federal Bank
* 99* 73#-State Bank of Mysore
* 99* 74#-South Indian Bank
* 99* 75#-Karur Vysya Bank
* 99* 76#-Karnataka Bank
* 99* 77#-Tamilnad Mercantile Bank
* 99* 78#-DCB Bank
* 99* 79#- Ratnakar Bank
* 99* 80#-Nainital Bank
* 99* 81#-Janata Sahakari Bank
* 99* 82#-Mehsana Urban Co-Operative Bank
* 99* 83#-NKGSB Bank
* 99* 84#-Saraswat Bank
* 99* 85#-Apna Sahakari Bank
* 99* 86#-Bhartiya Mahila Bank
* 99* 87#- Abhyudaya Co-Operative Bank
* 99* 88#-Punjab & Maharashtra Co-operative Bank
* 99* 89#-Hasti Co-Operative Bank
* 99* 90#- Gujarat State Co-Operative Bank
* 99* 91#- Kalupur Commercial Co-Operative Bank

Also u can dial * 99* 99# to know your Aadhaar linking and OverDraft Status. Try it.

नमक और वास्तु

✔✔दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल देता है एक चुटकी नमक➖

वास्तुशास्त्र में नमक को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। नमक के अलग-अलग इस्तेमाल से घर से नकारात्मक ऊर्जा निकल जाती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मानसिक शांति, सेहत, सुख-समृद्धि और पैसे के मामले में नमक की भूमिका अहम है। वास्तु के अनुसार यदि नमक का सही ढंग से इस्तेमाल किया जाए, तो एक चुटकी नमक ही काफी है दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने के लिए...।

➖एक चुटकी नमक का कमाल...

यदि आप आए दिन बीमार रहते हैं। घर में परिवार के सदस्यों के बीच आए दिन झगड़े होते हैं। हर तरफ  नकारात्मकता नजर आती है, तो नमक वाले पानी से पूरे घर में पोंछा लगाएं। बस पोंछे वाले पानी में एक चुटकी काला नमक मिलाएं, फिर देखें इसका कमाल। कुछ दिनों में इसका असर देखने को मिल जाएगा। यदि हर दिन संभव ने हो, तो मंगलवार को जरूर नमक को पोंछा लगाएं। इस उपाय से न सिर्फ घर की नकारात्मकता दूर होगी, घर में सकारात्मक एनर्जी आएगी। परिवार के सदस्य बीमार भी नहीं पड़ते हैं। सौभाग्य के दरवाजे खुलेंगे।

➖किसमें रखें नमक...➖

आप जरा अपने घर में यह देखिए कि जिस बर्तन में नमक रखा जा रहा है, वह किस चीज से बना है। स्टील यानी लोहे से बने बर्तन में नमक कभी नहीं रखना चाहिए। वास्तु में ऐसी मान्यता है कि नमक को हमेशा कांच के जार में भरकर रखना चाहिए। साथ ही इसमें एक लौंग डाल दें, तो फिर सोने पे सुहागा... इससे घर में सुख-समृद्धि तो रहती ही है। पैसों की भी कभी कमी महसूस नहीं होती। धन का फ्लो बना रहता है।

➖नमक मानसिक शांति भी देता है...➖

यदि आपका मन हर बेचैन रहता है। न तो घर में मन लगता, न बाहर, ना ही ऑफिस में...आप लाख कोशिश करते हैं, फिर मानसिक शांति नहीं मिल रही होती है। ऐसी समस्या से निजात पाने के लिए नमक का उपाय रामबाण का काम करता है। इस उपाय में भी एक चुटकी नमक कमाल करता है। जी हां, नहाते समय समय पानी में एक चुटकी नमक मिला लें और उससे स्नान करें। वास्तु विशेषज्ञों की मानें, तो ऐसा करने से मानसिक बेचैनी कम हो जाती है। तन-मन हमेशा तरोताजा रहता है। आलस्य से छुटकारा मिल जाता है।

➖डॉक्टर है नमक...

यदि घर में कोई लंबे समय से बीमार चल रहा हो, तो उसके बिस्तर के पास कांच की बोतल में नमक भरकर रखें और हर महीने इसे बदल दें। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, ऐसा करने से बीमार व्यक्ति की सेहत में काफी सुधार आ सकता है। यह उपाय तब तक करते रहें, जब तक वह व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ ने हो जाए।

➖पहाड़ी नमक का कमाल...➖

कौन व्यक्ति नहीं चाहेगा कि उसके घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहे, लेकिन हम देखते हैं कि व्यक्ति हर तरह से सम्पन्न होता है, लेकिन बावजूद इसके उसके घर में सुख आ अभाव रहता है। शांति भंग हो जाती है। असल में वास्तुदोष होने से घर में नकारात्मकता प्रवेश होता है और व्यक्ति परेशान रहता है। इससे छुटकारा पाने के लिए या वास्तुदोष खत्म करने के लिए इसमें एक नमक का उपाय बहुत कारगर साबित हो सकता है। बाजार में पहाड़ी नमक भी मिलता है। इसे लाकर अपने घर के एक कोने में रख दें। आप कुछ ही में महसूस करेंगे कि घर की सारी नकारात्मकत एनर्जी दूर हो जाएगी। परिवार के लोग खुश रहने लगेंगे। घर में सुख-शांति फैल जाएगी।

➖नमक को लेकर ये दो सावधानियां...➖

प्राचीन मान्यता है कि यदि आप नमक सीधे किसी के हथेली में रखकर देते हैं, तो इससे उस व्यक्ति के साथ आपका झगड़ा हो सकता है। इसलिए इस बात को हमेशा ध्यान रखें कि नमक कभी किसी को हाथ में न दें, बल्कि चम्मच से बर्तन के जरिए दें। इसके अलावा नमक को कभी जमीन में न गिरने दें। नमक को कभी बेकार भी मत होने दें। वास्तु के अनुसार, यदि नमक जमीन पर सीधे गिरता है, तो यह मान लें कि आप सीधे अपने दुर्भाग्य को दावत दे रहे हैं।